दिल से दिल को प्यार बहावो

दिल से दिल को प्यार बहावो

दिल में राम का मंदिर बनावो

दिल से दिल को प्यार बहावो

दिल में राम का मंदिर बनावो

  

जब तक दिल को जोड़ सकता

जब तक दिल को जोड़ सकता

तब तक राम को देख सकता

 

दिल से दिल को प्यार बहावो

दिल में राम का मंदिर बनावो

  

राम का नाम ही दिल में रख कर

निष्ककाम  कर्म को आगे ले जावो

रास्ते में कोई तूफान आये

रास्ते में कोई कांटें निकली

राम का नाम उनको दूर भागेगा

राम ही हमारा रक्षक बनेगा

 

दिल से दिल को प्यार बहावो

दिल में राम का मंदिर बनावो

  

दिल में राम का जोत जलावो

दिल से दिल को जोत बहावो

सब कुछ अँधेरा निकल जाएगा

हर जगह उजाला भैल जाएगा

दिल में राम का जोत जलावो

दिल से दिल को जोत बहावो

सब कुछ अँधेरा निकल जाएगा

हर जगह उजाला भैल जाएगा

 

दिल से दिल को प्यार बहावो

दिल में राम का मंदिर बनावो

 

  

  

तन को शांत रखेगा राम नाम

मन को शांत रखेगा राम नाम

हर दिन हर  क्षण बोलो राम नाम

हर जगह उजाला भैल  जाएगा

 

दिल से दिल को प्यार बहावो

दिल में राम का मंदिर बनावो

  

दिल ही राम का मंदिर सोच्चो 

दिल को साफ़ रखने को सोच्चो 

दिल ही राम का मंदिर सोच्चो 

दिल को साफ़ रखने को सोच्चो 

दिल से हर जीवन अपना साथी सच्चो

 

श्रेयो  भूयात सकल जनानाम

श्रेयो  भूयात सकल जनानाम

श्रेयो  भूयात सकल जनानाम

श्रेयो  भूयात सकल जनानाम

 

राम  राम  राम  राम

राम  राम  राम  राम

राम  राम  राम  राम

राम  राम  राम  राम

 

सुन्दरेश्वरन  Date:  23rd Jan 2016 Sundareswaran

 

My humble obeisance to the Great Paramaachaarya of Kaanchi for taking out the line from His immortal poem “Maithreem  Bhajatha”  which when rendered at the UN Assembly on the 26th Oct 1966, it echoed not only on the walls of that edifice, but the Universe as a whole. But still the war waging countries are leading a barbaric life.

When shall it stop?

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