गांव के मंदिर में लडका लडकी के मिलन

लड़का :  मंदिर की   घंडी भजाते    आवाज़ इधर   सूनी है कौन

सुनकर  आयी है कौन ?

लड़की : मंदिर की   घंडी भजाते    आवाज़ इधर   किया वह कौन ,

उनका नाम है क्या ?

लड़का :  मंदिर की   घंडी भजाते    आवाज़ इधर    सूनी है कौन

सुनकर  आयी है कौन ?

मलमल जैसि    या  नाजुक भरिया

ये गीत गावूं ,  गरीब कोयल ,    देती हुई धुन कभी

हवा  बनकर  उनको  कोई  सन्देश  दिया ?

लड़की : मंदिर की   घंडी भजाते   आवाज़ इधर   किया वह कौन ,

उनका नाम है क्या ?

गानेवाला  बंजारा हो

ये गीत गावूं ,   गरीब कोयल ,    देती हुई धुन कभी

लेके  आया मुझको इधर ?

लड़का :  मंदिर की    घंडी भजाते    आवाज़ इधर    सूनी है कौन ?

 

लड़का:    गाना मैंने  करोड़ किया

सुने हुए किसी को भी  प्रतीत नहीं

तुम तो  आयी ,    मेरी प्यारी ,   नया गाना    अभि लेकर …….

मेरे जनम दिन में ये दिन ,    शुभ दिन है

ये चोटी चोटी कली ,   चोटी सी ही चिड़िया ,    मुझे जीता अभी

मंदिर की    घंडी भजाते    आवाज़ इधर    सूनी है कौन ?

लड़की:   बाहर गाँव  गयी लड़की ,   इस ,    गाँव कीजो  लाड़ली लड़की

मंदिर की    घंडी भजाते   आवाज़ सुनकर      आयी हूँ …….

बेचारा तुम्हारा इस संगीत मेला

सुन ने को जो ,    तुमको केवल,    में हूँ मिली ?

गा सकते तक गाओ ,    ताल मिलावो ,    तुम ही सुनो

मंदिर की    घंडी भजाते    आवाज़ इधर    किया वह कौन ?

 

लड़का:  मेरा दिल कोमल जैसी ,    तुम्हारी तो   मोहरा  जैसी

वो दिन आएगी ,     तू भी बनेगी ,       मेरी मेहबूबा……..

लड़की:  गाँव  में   लड़की कोई    और नहीं क्या,   दूँट तो लूँ

अछि लड़की मिलने पर ,   आकर तुम ,   मुझसे बता

लड़का:  वो तो   और कोई नहीं ,   तुम तो ना……

मंदिर की    घंडी भजाते    आवाज़ इधर    सूनी है कौन

सुनकर  आयी है कौन ?

लड़की :     गानेवाला  बंजारा हो

लड़का:    ये गीत गावूं ,   गरीब कोयल ,  देती हुई धुन

लड़की :   क्या वो  लेके आया   मुझको   इधर ?

मंदिर की    घंडी भजाते    आवाज़ इधर    किया वह कौन

लड़का:    मलमल जैसि    या  नाजुक भरिया

लड़की:   ये गीत गावूं ,   गरीब कोयल ,   देती हुई धुन

लड़का:     हवा   बनकर    उनको   कोई    सन्देश   दिया ?

 

By Sundareswaran   

Date:   13th September 2014

Courtesy:  “Kovil mani osai thannai  kettathaaro……”

Lyricist:  Kaviarasu  Kannadasan  Sir                Music:  Ilayaraja Sir

Film:  Kizhakke  pogum  rail

Ilayaraja Sir has set the music in Raag AARABHI.

Sir, My translation in Hindi. I have tried my best to keep the same track of meaning and the tune.

What a lyric! What lucidity! An intelligent penning by Kaviarasu.A real question answer session between the boy and the girl, that too in the divine presence of a temple. The musical score by the maestro is wonderful. He has woven the raga in it.

 

 

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s